"होली भजन"
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शिव शंकर भूतनाथ की
आई गजब की होली
फागुन माह भक्त बन गाए
शिव बखान की होली
सकल जगत रंगीन हुआ
जल थल में रंगोली
कंकण कंकण नाचे बन
रंग बिरंगी गोली
नन्दी कार्तिक रूद्र गण
गौरा गणेश की टोली
भुत धुत अवधूत अघोरी
अलग अलग है टोली
कोई रंग गुलाल उड़ाता
भैरो अबीर की झोली
गणेश पिचकारी ले दौड़े
भाग रही सब टोली
दूध मिठाई संग ठंडाई
झूम रही सब टोली
पी पी कर सब बौराये है
गांजा भांग की गोली
होली की हुड़दंग मची है
होती मस्त ठिठोली
डम डम डमरू बाज रहा
बम बम निकले बोली
दया कृपा करुणा खुसी का
भोला उड़ेलते झोली
दुःख दरिद्र संताप ताप की
मार भगावत टोली
लोगों को सुख बाँट रहे है
पीकर खुद विष गोली
इसीलिए शिवजी कहलाते
भोला भंडारी चंद्रमौली
अर्पित करता भांग धतूरा
चम्पा बेल चमेली
महादेव जी की शरण में
"योगी" गावत होली
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"योगी योगेन्द्र "
9768000078
21:03:2016
🌹 "सुप्रभात मित्रों" 🌹
हरि ॐ
🙏