Sunday, 14 February 2016

"शिव भजन"


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शिव को कहाँ खोजता बन्दे
शिव अखिल जीवन में
शिव मंदिर में शिव मूरत में
शिव हैं घर आँगन में

अंदर बाहर दसो दिशा शिव
शिव ही है कण कण में
शिव पर्वत हैं शिव मरुस्थल
शिव सागर नदियों में

शिव ही शिव हैं जड़ चेतन में
शिव ही सृष्टि सृजन में
साँसों में शिव प्राणों में शिव
शिव ही पूर्ण जगत में

पंचतत्व बन सामिल तन में
शिव ही इन्द्रिय मन में
नभ जल थल अग्नि पवन में
स्वयं प्राण शिव तन में

जन्म मृत्यु में जीवन में शिव
शिव सामिल पल पल में
पालक हैं शिव शिव संहारक
शिव आधार प्रलय में

स्वर व्यंजन अक्षर में शिव
शिव शब्द अर्थन में
शिव कल्पना भाव भावना
शिव भाव संगम में

हे शिव पालनहारी जग के
बसो मेरे तन मन में
"योगी" के जीवन में सामिल
शिव हैं भक्ति भजन में

🌹🌹🌹

"योगी योगेन्द्र "
9768000078

15:02:2016

        🌹 "सुप्रभात मित्रों" 🌹
                    हरि ॐ
                      🙏

Saturday, 13 February 2016

श्री गणेशाय नमः

~•◆●■★”गणेश वंदना”★■●◆•~

प्रथम पूज्य श्री गणेश
आमंत्रित हो नाथ
शुभ लाभ ऋद्धि शिद्धि
को ले आओ साथ

जै गणेश जै गणपति
मन मंदिर में वास
घर आँगन में आ बसो
लक्ष्मी जी के साथ

मंगल हो कल्याण हो
पूरण हो सब काम
श्री गणेश की आरती
मंत्र सफलता मान

जय गणेश जय गणपति
सुन्दर तेरा नाम
संसार उद्धार का सदा
करो तुम काम

उदर विशाल कान बड़े
लम्बोदर है नाम
मुख छोटा मस्तक ऊँचा
चरण कमल समान

गौरी नंदन अभिनन्दन
मूषक पर आरूढ़
शिव के पुत्र गजानना
जै जै जै गजमुख

बुद्धि ज्ञान के देवता
दूर करो अज्ञान
हे दुखहर्ता हे सुखकर्ता
तेरी हम संतान

दुःख में दुनिया डूब रही
भेजो सुख की नाँव
छाया हुआ संताप ताप
तुम हो ठंडी छाँव

हे गणनायक शिद्धिविनायक
सुन्दर तेरा नाम
विघ्नविनायक अष्टविनायक
दो “योगी”पर ध्यान