Saturday, 13 February 2016

श्री गणेशाय नमः

~•◆●■★”गणेश वंदना”★■●◆•~

प्रथम पूज्य श्री गणेश
आमंत्रित हो नाथ
शुभ लाभ ऋद्धि शिद्धि
को ले आओ साथ

जै गणेश जै गणपति
मन मंदिर में वास
घर आँगन में आ बसो
लक्ष्मी जी के साथ

मंगल हो कल्याण हो
पूरण हो सब काम
श्री गणेश की आरती
मंत्र सफलता मान

जय गणेश जय गणपति
सुन्दर तेरा नाम
संसार उद्धार का सदा
करो तुम काम

उदर विशाल कान बड़े
लम्बोदर है नाम
मुख छोटा मस्तक ऊँचा
चरण कमल समान

गौरी नंदन अभिनन्दन
मूषक पर आरूढ़
शिव के पुत्र गजानना
जै जै जै गजमुख

बुद्धि ज्ञान के देवता
दूर करो अज्ञान
हे दुखहर्ता हे सुखकर्ता
तेरी हम संतान

दुःख में दुनिया डूब रही
भेजो सुख की नाँव
छाया हुआ संताप ताप
तुम हो ठंडी छाँव

हे गणनायक शिद्धिविनायक
सुन्दर तेरा नाम
विघ्नविनायक अष्टविनायक
दो “योगी”पर ध्यान

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